गुरुवार, 22 मार्च 2018

सिद्ध श्री श्रवणनाथ जी भादू

श्री जसनाथ आसन पांचला सिद्धा जो जसनाथ जी महाराज के जसनाथी संप्रदाय में प्रमुख पांच धामों में से एक है
यह सिद्ध पीठ मारवाड़ में अध्यात्म शिक्षा का केंद्र रहा है
 जसनाथ जी महाराज राजस्थान के लोक देवताओं में अग्रणीय महापुरुष हुए
इसी पांचला सिद्धा के गांव मे सिद्ध श्री श्रवण नाथ जी भादू , आपके पिताजी श्रीदुर्गनाथ जी भादू जिनका जसनाथ आसन मे मन्दिर बना हुआ है आज भी आपका नाम लेने शरीर के सभी रोग खत्म हो जाते है।
 आपने समाज का नाम अटल पर पहुंचाया
आप जसनाथ जी महाराज के बताए हुए नियमों के अनुसार चले और आप एक बड़े परिवार के धनी थे बहुत ही सरल स्वभाव के सिद्ध पुरुष हुए ऐसे सिद्ध पुरुष को हमारी ओर से भावपूर्ण श्रद्धांजली

गंगा सती मन्दिर मे मूर्ति प्राण प्रतिष्ठा - सादूलनाथ सिद्ध

गंगा सती की जीवित समाधि बीकानेर के पास कतरियासर गांव में है
जागरण
https://youtu.be/e1xT7ZFPmkk
शिखर बोली
https://youtu.be/KgQ7kXjNYLU
आरती
https://youtu.be/eFiNLPm2mPo

नोखा के साधूणा  ग्राम में जसनाथ मंदिर में गंगा सती मंदिर का निर्माण संपन्न होने पर मूर्ति प्राण प्रतिष्ठा का आयोजन किया गया।
 इस मूर्ति प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम में अखिल भारतीय जसनाथी महासभा के महामंत्री श्री सादुलनाथ सिद्ध ने बताया की गंगा सती माता जिनकी जीवित समाधि कतरियासर में बनी हुई है जो कि साधूना गांव की सती हुई थी इन्होंने जसनाथ जी महाराज का चमत्कार पाने के कारण कतरियासर पहुंचने पर जीवित समाधि ली थी।
समाजसेवी सादुलनाथ सिद्ध ने बताया कि हम सभी को  महाराज के 36 नियमों का प्रचार प्रसार करना चाहिए और इन 36 नियमो को अपने जीवन में उतारना चाहिए ।
अगर कोई भी मानव 36 नियमों को अपने जीवन में उतारता है तो उसका जीवन सफल हो जाता है।
समाजसेवी सादुलनाथ सिद् ने इस कार्यक्रम में मौजूद सभी भक्त जनों का धन्यवाद एवं साधुवाद दिया।

जसनाथ मन्दिर कालङी मे मूर्ति प्राण प्रतिष्ठा _सादुलनाथ सिद्ध

जसनाथ मन्दिर कालड़ी 


आरती
https://youtu.be/q37YSBtObP0
मूर्ती प्राण प्रतिष्ठा
https://youtu.be/NvhAF_grQ9U
शोभा यात्रा
https://youtu.be/Avz48KR6GfM

ग्राम कालड़ी के इस जसनाथ मंदिर निर्माण में शुरुआत से कार्य को प्रगति के लिए जाने के लिए श्री सादुल नाथ सिद्ध महामंत्री अखिल भारतीय महासभा का विशेष सहयोग रहा 
समाजसेवी सादुलनाथ सिद्ध की देखरेख में यह कार्य संपन्न हो पाया ।
सादुलनाथ सिद्ध के प्रयासों से तथा गांव के दानदाताओं भामाशाह तथा आसपास के जसनाथी भक्तों ने इस कार्य को संपन्न करवाने के लिए बढ़-चढ़कर सहयोग किया।
 सादुलनाथ सिद् ने इन सभी का आभार जताया और आगे भी यहां के वातावरण तथा मंदिर परिसर में विकास के लिए हमेशा तत्पर रहने का वायदा किया।